*स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर ने ली मैराथन बैठक : शहर में 24 घंटे में भरें सड़क के गड्ढे, 15 दिन में चालू हों 72 कैमरे; हाउसिंग बोर्ड की टंकी और फतेहगढ़ फाउंटेन पर भी सख्ती*
डूंगरपुर। शहर में चल रहे शहरी स्वच्छता एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा को लेकर सोमवार को नगर परिषद सभागार में प्रदेश स्वच्छ ब्रांड एम्बेसडर एवं पूर्व सभापति के.के. गुप्ता ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। करीब दो घंटे चली बैठक में स्वच्छता, निर्माण, सीवरेज, जलदाय, विद्युत और नगर परिषद से जुड़े अधिकारियों को शहर की मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। बैठक में गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि बारिश के मौसम में शहर की सड़कों पर किसी भी प्रकार की टूट-फूट या गड्ढे लंबे समय तक दिखाई नहीं देने चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा के कारण कहीं भी सड़क क्षतिग्रस्त होती है तो उसकी मरम्मत 24 घंटे के भीतर कराई जाए। सीवरेज व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता अनिल पाटीदार ने बताया कि जिन क्षेत्रों में सीवरेज कार्य पूरा हो चुका है, वहां सड़क और अन्य मरम्मत कार्य भी शीघ्र पूरे कर दिए जाएंगे। गुप्ता ने निर्देश दिए कि बरसात में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी, सार्वजनिक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता व ठेकेदार डिस्कॉम के सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग के सहायक अभियंता व कन्सिस्ट अभियंता, नगर परिषद के सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता व समस्त जमादार और कर्मचारी अधिकारी उपस्थित रहे।
हाउसिंग बोर्ड की टंकी कल तक साफ करने के निर्देश :-
पेयजल व्यवस्था पर चर्चा के दौरान जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित है वहां तत्काल सुधार किया जाए। हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी की सफाई तथा पाइप लाइन के लीकेज की मरम्मत एक दिन के भीतर करने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों को शहर में अनावश्यक बिजली कटौती नहीं करने की चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि किसी कारणवश शटडाउन लेना आवश्यक हो तो उसका समय आमजन की सुविधा को ध्यान में रखकर तय किया जाए।
कचरा नहीं उठने पर जताई नाराजगी : -
शहर की सफाई व्यवस्था पर गुप्ता ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में नियमित रूप से कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है, जिससे कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। उन्होंने तत्काल सफाई अभियान चलाकर इन ढेरों को हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा कचरा संग्रहण वाहनों में सायरन नहीं बजने की शिकायतों पर भी सख्त रुख अपनाया गया। उन्होंने संबंधित जमादारों और ठेकेदारों के बिल सत्यापन के दौरान पेनल्टी लगाकर भुगतान में कटौती करने के निर्देश दिए।
गैप सागर और खुमान सागर की सफाई पर जोर :-
बैठक में गैप सागर में वर्षा जल के प्रवाह को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी नालों की जांच करने के निर्देश दिए गए। जहां भी अवरोध या गाद जमा हो, उसे तत्काल हटाने को कहा गया। खुमान सागर से गैप सागर में आने वाले पानी के मार्ग में जमा मिट्टी और गाद की सफाई के लिए मशीनें और विशेष टीम लगाने के निर्देश भी दिए गए।
15 दिन में चालू होंगे 72 सीसीटीवी कैमरे :
शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों का मुद्दा भी बैठक में उठा। गुप्ता ने शहर में लगे सभी 72 कैमरों को शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए। लाइब्रेरी, बादल महल, बगीचा और प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरों को प्राथमिकता देने को कहा गया। इस पर सहायक अभियंता ने बताया कि कार्यादेश जारी हो चुका है और 15 दिनों के भीतर सभी कैमरे चालू कर दिए जाएंगे।
फतेहगढ़ फाउंटेन 7 दिन में होगा शुरू :-
बैठक में शहर के बंद पड़े आरओ प्लांट और फाउंटेन भी चर्चा का विषय रहे। अधिकारियों को सभी आरओ प्लांट पुनः शुरू कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही फतेहगढ़ में बंद पड़े फाउंटेन को 7 दिन में चालू करने के आदेश दिए गए।
वसुंधरा विहार बनेगा नया आकर्षण :-
वसुंधरा विहार क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के निर्देश देते हुए गुप्ता ने कहा कि यहां बन रहे क्रिकेट बॉक्स, स्केटिंग पिच और 400 मीटर रनिंग ट्रैक का कार्य तेज गति से पूरा किया जाए। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्र में उद्यान और सामुदायिक भवन निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिनके टेंडर शीघ्र जारी किए जाएंगे। वसुंधरा विहार और शहर के अन्य क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाने की भी घोषणा की गई। इसके तहत 12 फीट ऊंचे छायादार, फलदार और फूलदार पौधे लगाए जाएंगे तथा उनकी देखरेख का जिम्मा दो वर्षों तक संबंधित ठेकेदार को दिया जाएगा।
शिविरों में लंबित 274 फाइलों के निस्तारण पर जोर :-
शहरी सेवा शिविरों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान 274 पत्रावलियां राजस्व रिपोर्ट के कारण लंबित होने की जानकारी सामने आई। इस पर गुप्ता ने जिला प्रशासन से समन्वय कर शीघ्र निस्तारण कराने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आमजन को राहत पहुंचाने वाले इन शिविरों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
