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Jul 15, 2026

सिर्फ सफाई नहीं, व्यवहार बदलना होगा : सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की सख्ती से पालना और प्लास्टिक पर कड़ा प्रहार ही बनाएगा शहर कचरा मुक्त : के के गुप्ता

 


उज्जैन में स्वच्छ भारत मिशन कार्यशाला में राजस्थान के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता बतौर मार्गदर्शक रूप मे संबोधित किया*-


उज्जैन/जयपुर/उदयपुर। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित संभाग स्तरीय क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला में बुधवार को राजस्थान सरकार के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर एवं देश के प्रसिद्ध स्वच्छता विशेषज्ञ के.के. गुप्ता ने मुख्य अतिथि एवं मार्गदर्शक के रूप में जनप्रतिनिधियों, नगर निकायों के अधिकारियों और स्वच्छता प्रभारियों को संबोधित किया। कार्यशाला में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने, वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जनभागीदारी तथा स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देने पर विस्तार से चर्चा हुई।

अपने उद्बोधन में के.के. गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना, कागजी उपलब्धि या नारों का विषय नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ समाज, सुरक्षित पर्यावरण और विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर दिए गए निर्देशों का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। यदि इन निर्देशों का ईमानदारी से पालन किया जाए तो देश के सभी शहरों और कस्बों की तस्वीर बदली जा सकती है।

उन्होंने कहा कि जब भी देश में स्वच्छता की चर्चा होती है तो मध्यप्रदेश का इंदौर और राजस्थान का डूंगरपुर प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में सामने आते हैं। इन शहरों ने यह सिद्ध किया है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनभागीदारी और सतत निगरानी के माध्यम से सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट स्वच्छता व्यवस्था विकसित की जा सकती है।

के.के. गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल शरीर को स्वस्थ रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, सामाजिक सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और दीर्घायु जीवन का आधार भी है। हमने अपने घरों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों को तो स्वच्छ एवं पवित्र बना लिया, लेकिन गली, मोहल्ले, बाजार और सार्वजनिक स्थानों की ओर उतना ध्यान नहीं दिया। जबकि वास्तविक स्वच्छता वहीं दिखाई देती है जहाँ आम नागरिक प्रतिदिन जीवन व्यतीत करता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ऐसा पवित्र कार्य है जो सीधे-सीधे मानव को प्रकृति और ईश्वर से जोड़ता है। इसमें न कोई छोटा है, न बड़ा, न गरीब और न अमीर। अधिकारी, जनप्रतिनिधि, व्यापारी, विद्यार्थी और आमजन—सभी की पहली पसंद स्वच्छ वातावरण ही होता है।

उन्होंने विश्व के उदाहरण देते हुए कहा कि आज पर्यटन भी उन्हीं शहरों और देशों की ओर बढ़ता है जो स्वच्छ और व्यवस्थित हैं। स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों में केवल शहर ही नहीं बल्कि झीलें भी इतनी स्वच्छ हैं कि लोग उनका पानी पीने तक का उपयोग करते हैं। भारत भी इसी दिशा में आगे बढ़ सकता है यदि स्वच्छता को केवल अभियान नहीं बल्कि जीवनशैली बनाया जाए।

*स्वच्छ भारत मिशन की यात्रा का किया उल्लेख*-

के.के. गुप्ता ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लालकिले की प्राचीर से स्वच्छ भारत मिशन का आह्वान किया था और 2 अक्टूबर 2014 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर इस ऐतिहासिक अभियान का शुभारंभ हुआ। पिछले एक दशक में इस मिशन ने पूरे देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जनजागरण पैदा किया है, लेकिन अब आवश्यकता इस बात की है कि इसकी शुरुआत प्रत्येक नागरिक अपने घर, गली, मोहल्ले, गांव और शहर से करे। उन्होंने कहा कि हमने मंदिरों और तीर्थस्थलों को तो स्वच्छ बना दिया, लेकिन घरों के बाहर की गलियों, मोहल्लों और नगरों को उसी स्तर पर स्वच्छ नहीं रख पाए। जब तक सार्वजनिक स्थान स्वच्छ नहीं होंगे, तब तक स्वच्छ भारत मिशन का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प है कि आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 2047 तक भारत विश्वगुरु बने, लेकिन स्वच्छता के बिना विकसित और विश्वगुरु भारत की कल्पना संभव नहीं है। आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रगति और आधुनिक आधारभूत संरचना तभी सार्थक होगी जब देश स्वच्छ और स्वस्थ होगा।

*मध्य प्रदेश में "इंदौर" और राजस्थान में "डूंगरपुर" स्वच्छता का प्रेरणादायक उदाहरण है*-

गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई का विषय नहीं, बल्कि नागरिक संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब भी देश में स्वच्छता की बात होती है तो मध्यप्रदेश का इंदौर और राजस्थान का डूंगरपुर प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में सामने आते हैं। इन शहरों ने जनभागीदारी, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और सतत प्रयासों के बल पर स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर केवल स्वस्थ नागरिक ही नहीं देते, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने का मजबूत आधार भी बनते हैं। स्वच्छ वातावरण आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गुप्ता ने कहा कि हमने अपने घरों, मंदिरों और निजी परिसरों को तो स्वच्छ रखने की आदत विकसित कर ली है, लेकिन गली-मोहल्लों, बाजारों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को अभी भी उतनी प्राथमिकता नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थान भी हमारी साझा धरोहर हैं और उनकी स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है।

उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान न मानकर जनआंदोलन के रूप में अपनाएं तथा अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार व्यवहार विकसित करें। तभी स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकेगा।

*सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को धरातल पर उतारने के मूल मंत्र*-

स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण  प्रत्येक घर, दुकान एवं संस्थान से गीला, सूखा एवं घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग संग्रहित किया जाए।
सख्त नियम एवं प्रभावी प्रवर्तन: सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो तथा सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।
वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल: कचरे को बोझ नहीं बल्कि संसाधन मानते हुए उससे कम्पोस्ट, ऊर्जा एवं पुनर्चक्रण योग्य सामग्री तैयार की जाए।
जनभागीदारी: स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर प्रत्येक नागरिक का व्यवहार और संस्कार बनाया जाए।

*उज्जैन के लिए प्रस्तुत किया विशेष स्वच्छता रोडमैप*-

धार्मिक नगरी उज्जैन में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए के.के. गुप्ता ने विशेष स्वच्छता मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों में भी वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सतत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता के माध्यम से किसी भी शहर को राष्ट्रीय स्तर की 'गार्बेज फ्री' एवं 'स्टार रेटिंग' दिलाई जा सकती है।

*नगर निकायों को दिए व्यवहारिक सुझाव*-

उन्होंने कहा कि प्रत्येक शहर में सुबह 10 बजे से पहले शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक परिवार से स्रोत स्तर पर गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग लिया जाए। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा कचरा संग्रहण व्यवस्था की सूक्ष्म मॉनिटरिंग की जाए ताकि कहीं भी कोई कमी न रह जाए। उन्होंने रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि प्रत्येक 400 मीटर क्षेत्र में एक सफाईकर्मी की जिम्मेदारी तय हो तथा वाणिज्यिक क्षेत्रों में वर्ष के 365 दिन रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक नियमित नाइट स्वीपिंग हो। साथ ही रात्रि में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक शौचालयों एवं मूत्रालयों की सफाई पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि इनकी प्रतिदिन कम से कम तीन बार सफाई होनी चाहिए। अधिकारी एवं स्वास्थ्य निरीक्षक स्वयं भी इनका उपयोग कर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें ताकि सफाई व्यवस्था में निरंतर सुधार हो। विद्यालयों के शौचालयों की नियमित सफाई भी समान रूप से आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्लास्टिक थैली पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य एवं पशुओं के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है। हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए कि शहरों में प्लास्टिक थैली दिखाई ही न दे। इसके लिए उत्पादन, वितरण एवं अवैध व्यापार पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने शहरों के खाली प्लॉटों को गंदगी का सबसे बड़ा स्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे भूखंडों के मालिकों को सफाई कराकर चारदीवारी करवाने के लिए बाध्य किया जाए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो नगर निगम स्वयं कार्य कराए तथा पूरी लागत का दस गुना संबंधित भू-स्वामी से वसूले। आवश्यकता पड़ने पर भूखंड को सीज करने जैसी कार्रवाई भी की जाए।

*मौजूदा चुनौतियों पर भी जताई चिंता*-

के.के. गुप्ता ने कहा कि यदि वर्तमान स्थिति का ईमानदारी से मूल्यांकन किया जाए तो आज भी अनेक शहरों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई स्थानों पर कचरा तो उठाया जा रहा है, लेकिन गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण नहीं हो रहा तथा शत-प्रतिशत घरों तक संग्रहण व्यवस्था नहीं पहुंच पाई है। परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में कचरा खुले स्थानों पर पड़ा रहता है और गंदगी का वातावरण बनता है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालयों एवं सार्वजनिक मूत्रालयों की स्थिति भी कई स्थानों पर चिंताजनक है। नियमित सफाई नहीं होने से आम नागरिक इनका उपयोग करने से बचते हैं। रात्रिकालीन सफाई भी कई निकायों में केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।

उन्होंने कहा कि शहर हो, गांव हो या ढाणी—चारों ओर प्लास्टिक कचरा फैला हुआ दिखाई देता है। शहरों के खाली प्लॉट गंदगी के अड्डे बन चुके हैं, जहां केवल कचरा ही नहीं बल्कि मच्छर, मक्खियां और अन्य हानिकारक जीव-जंतु भी पनप रहे हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अनेक स्थानों पर सड़कों पर कचरा फैला रहता है, आवारा पशु घूमते रहते हैं तथा पर्याप्त वृक्षारोपण नहीं होने से पर्यावरण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर नगर निकायों को गंभीरता से कार्य करना होगा। यदि इन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य अधूरे रह जाएंगे।

*स्वच्छता में राजनीति नहीं, सहभागिता हो*-

के.के. गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को किसी भी प्रकार की राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। यह पूरे देश का अभियान है। नगर निकायों में अधिकारियों के अनावश्यक एवं बार-बार होने वाले स्थानांतरण से योजनाओं की निरंतरता प्रभावित होती है। प्रशासनिक स्थिरता और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के विकास एवं स्वच्छता संबंधी निर्णय स्वतंत्र रूप से लेने दिए जाने चाहिए। दूसरे क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय ही स्वच्छ भारत मिशन की सफलता की वास्तविक कुंजी है।

*प्लास्टिक निर्माता और गंदगी फैलाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई*-

अपने संबोधन में के.के. गुप्ता ने कहा कि यदि वास्तव में शहरों को प्लास्टिक मुक्त बनाना है तो केवल आम नागरिकों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा। सरकार को प्लास्टिक थैलियों का निर्माण, भंडारण और अवैध व्यापार करने वाले निर्माताओं एवं इकाइयों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी करने होंगे। जब तक उत्पादन स्तर पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होगा, तब तक प्लास्टिक पर पूर्ण रोक संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त शहर न केवल आमजन के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराएंगे, बल्कि सड़कों पर घूमने वाले गौवंश एवं अन्य पशुओं के जीवन की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, क्योंकि प्लास्टिक उनके स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है।

के.के. गुप्ता ने यह भी कहा कि स्वच्छ शहर केवल अपीलों से नहीं, बल्कि प्रभावी कानून और उसके कड़ाई से पालन से बनते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने, कचरा इधर-उधर फेंकने तथा स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त एवं त्वरित दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। जब तक नियमों के उल्लंघन पर दंड का भय नहीं होगा, तब तक शहरों में स्थायी स्वच्छता स्थापित करना कठिन रहेगा। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता और दंडात्मक कार्रवाई—दोनों का संतुलित समन्वय ही स्वच्छ भारत मिशन को वास्तविक सफलता दिला सकता है।

रतलाम महापौर ने भी रखे सुझाव

कार्यशाला में नगर निगम रतलाम के महापौर ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि वास्तव में प्लास्टिक थैली के उपयोग पर रोक लगानी है तो केवल उपभोक्ताओं पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। प्लास्टिक थैली का निर्माण करने वाली कंपनियों पर भी प्रभावी नियंत्रण एवं कठोर कार्रवाई आवश्यक है। तभी प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा l
इस कार्यशाला में मध्य प्रदेश की निकायों के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने भाग लिया तथा फीडबैक फाउंडेशन इस पूरे कार्यक्रम की सूत्रधार रही l


Jul 8, 2026

क्लीन उदयपुर,ग्रीन उदयपुर ! निगम की कार्यशाला चमकेगा शहर : सुधरेगी सड़के, कचरा पोइंट होंगे साफ, बगीचे एवं फाउन्टेन थिरकेंगे - के.के.गुप्ता

 






डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा पॉइंट, नालों की सफाई, उद्यान, फाउंटेन और सड़कों की मरम्मत के लिए तय की समय-सीमा

उदयपुर। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत राजस्थान सरकार के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर श्री के.के. गुप्ता ने बुधवार को नगर निगम उदयपुर में स्वच्छता एवं आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए। बैठक में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कमर्शियल क्षेत्रों की सफाई, कचरा पॉइंटों का प्रबंधन, नालों की सफाई, उद्यानों का रखरखाव, फाउंटेन संचालन तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में श्री गुप्ता ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान में कार्यरत दोनों एजेंसियां प्रत्येक 500 घरों पर एक कचरा संग्रहण वाहन नियमित रूप से प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक संचालित करें। प्रत्येक घर से गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहित किया जाए। उन्होंने यूजर चार्ज का भुगतान नहीं करने वाले घरों के विरुद्ध नगर निगम को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए ताकि ठेकेदारों पर अनावश्यक आर्थिक भार न पड़े। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि ठेकेदारों का भुगतान प्रत्येक माह की 10 तारीख तक नियमित रूप से किया जाए।
कमर्शियल क्षेत्रों में कचरा संग्रहण की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि शहर में लगभग 3,200 व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। आगामी 10 तारीख से सभी दुकानों, होटलों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से नियमित कचरा संग्रहण प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिससे पूरे कमर्शियल क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था और बेहतर होगी।
कचरा पॉइंटों की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निर्णय लिया गया कि सभी 111 कचरा पॉइंटों से दोपहर 12 बजे तक कचरा पूरी तरह हटाकर सफाई सुनिश्चित की जाएगी तथा शाम को पुनः सफाई कराई जाएगी। कार्य की निगरानी के लिए कचरा पॉइंट का अलग समूह बनाया जाएगा, जिसमें जियो-टैग फोटो नियमित रूप से अपलोड की जाएंगी। इन्हीं फोटो को संबंधित एजेंसी के भुगतान का आधार बनाया जाएगा इस ग्रुप से केके गुप्ता स्वयं भी जुड़ेंगे |
नालों की सफाई की समीक्षा के दौरान बताया गया कि शहर के 373 नालों में से 18 नालों की सफाई शेष है। इस पर अधिशासी अभियंता अखिल गोयल ने कहा कि जिन नालों पर अवैध अथवा अनावश्यक कवर लगे हुए हैं, उनकी जानकारी मिलने पर उन्हें हटाकर सफाई कार्य कराया जाएगा। इसकी सूची स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा उपलब्ध कराएंगे।
बैठक में नगर निगम के सभी उद्यानों एवं बगीचों की सफाई और रखरखाव की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अगले 15 दिनों के भीतर सभी उद्यानों की सफाई एवं आवश्यक मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। गुलाब बाग में चल रहे सफाई कार्य, गमलों की व्यवस्था, मरम्मत, नव विकसित उद्यानों का विकास तथा 500 फलदार पौधों के रोपण कार्य में भी तेजी लाई जाएगी।
अधिशासी अभियंता रितेश पाटीदार ने बताया कि शहर के सभी फाउंटेन अगले सात दिनों में चालू कर दिए जाएंगे, जबकि सुखाड़िया सर्किल स्थित फाउंटेन आगामी 15 दिनों में पुनः संचालित कर दिया जाएगा।
बैठक में वर्षा ऋतु के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों एवं सीवरेज लाइन बिछाने के बाद अधूरी छोड़ी गई सड़क मरम्मत पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि शीघ्र ही सड़क मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। एलिवेटेड ब्रिज के नीचे स्थित सड़क की मरम्मत लंबे समय से ठेकेदार द्वारा नहीं किए जाने पर नगर निगम उक्त कार्य 'रिस्क एंड कॉस्ट' के आधार पर कराएगा, जिससे आमजन को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके तथा कल से ही सभी सड़कों पर खड्डों को WBM से भरने का कार्य प्रारम्भ कर दिया जाएगा जिसकी मोनिटरिंग वार्ड प्रभारी एवं वार्ड निरीक्षक करेंगे | 
बैठक में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि शहर के सभी प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में आगामी सात दिनों के भीतर रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और कार्य शीघ्र शुरू होगा।
निजी खाली भूखंडों में फैल रही गंदगी पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर श्री के.के. गुप्ता ने कहा कि ऐसे भूखंडों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी संबंधित भूखंड मालिक की होगी। वार्ड प्रभारियों एवं वार्ड निरीक्षकों ने बताया कि अनेक भूखंड मालिक सफाई नहीं कराते, जिससे शहर में गंदगी फैल रही है। इस पर निर्देश दिए गए कि यदि भूखंड मालिक सफाई नहीं कराते हैं तो नगर निगम स्वयं सफाई कराकर नियमानुसार खर्च की दस गुना राशि संबंधित मालिक से वसूल करेगा।
बैठक में शहर की प्रमुख सड़कों के दोनों ओर 12 फीट ऊंचाई के बड़े एवं छायादार पौधे लगाने, सभी सार्वजनिक मूत्रालयों की प्रतिदिन तीन बार जेट स्प्रे मशीन से सफाई कराने, वार्डों में बिखरी प्लास्टिक थैलियों के नियमित संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान कर्मचारियों एवं ठेकेदारों ने नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए टिपर वाहनों एवं जेट मशीनों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। इस पर श्री गुप्ता ने सभी खराब मशीनों एवं वाहनों की शीघ्र मरम्मत कराने तथा जो उपकरण मरम्मत योग्य नहीं हैं, उनका नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए।
नगर निगम के उद्यानों के रखरखाव की समीक्षा के दौरान जिन व्यक्तियों एवं फर्मों ने उद्यान गोद ले रखे हैं, उनके द्वारा समुचित रखरखाव, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण नहीं किए जाने पर संबंधित आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए गए। गुलाब बाग स्थित प्रसिद्ध गुलाब बाड़ी का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जहां कभी 64 प्रजातियों के गुलाब खिले रहते थे, वहां वर्तमान में उनका अभाव दिखाई दे रहा है। इस पर संबंधित एजेंसी को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी बताया गया कि श्री नरेश शर्मा मोबाइल नंबर 9950882810 एवं श्री राजेश अग्रवाल मोबाइल नंबर 9351352353 द्वारा शहर में स्वच्छता एवं स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायतें नियमित रूप से नगर निगम के समूह में साझा की जाती हैं, जिनका निगम के कर्मचारी त्वरित समाधान कर रहे हैं।
समीक्षा बैठक में सहायक आयुक्त नरेश सोनी, अधीक्षण अभियंता बैरवा, स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा, अधिशासी अभियंता रितेश पाटीदार, अखिल कुमार,कपिल पालीवाल, राजेश अग्रवाल, सभी वार्ड प्रभारी, वार्ड निरीक्षक तथा नगर निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Jul 7, 2026

*शहर की सफाई, सीवरेज, पेयजल और बिजली व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी* -*स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता*

 


*स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर ने ली मैराथन बैठक : शहर में 24 घंटे में भरें सड़क के गड्ढे, 15 दिन में चालू हों 72 कैमरे; हाउसिंग बोर्ड की टंकी और फतेहगढ़ फाउंटेन पर भी सख्ती*

डूंगरपुर। शहर में चल रहे शहरी स्वच्छता एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा को लेकर सोमवार को नगर परिषद सभागार में प्रदेश स्वच्छ ब्रांड एम्बेसडर एवं पूर्व सभापति के.के. गुप्ता ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। करीब दो घंटे चली बैठक में स्वच्छता, निर्माण, सीवरेज, जलदाय, विद्युत और नगर परिषद से जुड़े अधिकारियों को शहर की मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। बैठक में गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि बारिश के मौसम में शहर की सड़कों पर किसी भी प्रकार की टूट-फूट या गड्ढे लंबे समय तक दिखाई नहीं देने चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा के कारण कहीं भी सड़क क्षतिग्रस्त होती है तो उसकी मरम्मत 24 घंटे के भीतर कराई जाए। सीवरेज व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता अनिल पाटीदार ने बताया कि जिन क्षेत्रों में सीवरेज कार्य पूरा हो चुका है, वहां सड़क और अन्य मरम्मत कार्य भी शीघ्र पूरे कर दिए जाएंगे। गुप्ता ने निर्देश दिए कि बरसात में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी, सार्वजनिक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता व ठेकेदार डिस्कॉम के सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग के सहायक अभियंता व कन्सिस्ट अभियंता, नगर परिषद के सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता व समस्त जमादार और कर्मचारी अधिकारी उपस्थित रहे। 

हाउसिंग बोर्ड की टंकी कल तक साफ करने के निर्देश :- 

पेयजल व्यवस्था पर चर्चा के दौरान जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित है वहां तत्काल सुधार किया जाए। हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी की सफाई तथा पाइप लाइन के लीकेज की मरम्मत एक दिन के भीतर करने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों को शहर में अनावश्यक बिजली कटौती नहीं करने की चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि किसी कारणवश शटडाउन लेना आवश्यक हो तो उसका समय आमजन की सुविधा को ध्यान में रखकर तय किया जाए।

कचरा नहीं उठने पर जताई नाराजगी : -

शहर की सफाई व्यवस्था पर गुप्ता ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में नियमित रूप से कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है, जिससे कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। उन्होंने तत्काल सफाई अभियान चलाकर इन ढेरों को हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा कचरा संग्रहण वाहनों में सायरन नहीं बजने की शिकायतों पर भी सख्त रुख अपनाया गया। उन्होंने संबंधित जमादारों और ठेकेदारों के बिल सत्यापन के दौरान पेनल्टी लगाकर भुगतान में कटौती करने के निर्देश दिए।

गैप सागर और खुमान सागर की सफाई पर जोर :- 

बैठक में गैप सागर में वर्षा जल के प्रवाह को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी नालों की जांच करने के निर्देश दिए गए। जहां भी अवरोध या गाद जमा हो, उसे तत्काल हटाने को कहा गया। खुमान सागर से गैप सागर में आने वाले पानी के मार्ग में जमा मिट्टी और गाद की सफाई के लिए मशीनें और विशेष टीम लगाने के निर्देश भी दिए गए।

15 दिन में चालू होंगे 72 सीसीटीवी कैमरे :

शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों का मुद्दा भी बैठक में उठा। गुप्ता ने शहर में लगे सभी 72 कैमरों को शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए। लाइब्रेरी, बादल महल, बगीचा और प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरों को प्राथमिकता देने को कहा गया। इस पर सहायक अभियंता ने बताया कि कार्यादेश जारी हो चुका है और 15 दिनों के भीतर सभी कैमरे चालू कर दिए जाएंगे।

फतेहगढ़ फाउंटेन 7 दिन में होगा शुरू :- 

बैठक में शहर के बंद पड़े आरओ प्लांट और फाउंटेन भी चर्चा का विषय रहे। अधिकारियों को सभी आरओ प्लांट पुनः शुरू कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही फतेहगढ़ में बंद पड़े फाउंटेन को 7 दिन में चालू करने के आदेश दिए गए।

वसुंधरा विहार बनेगा नया आकर्षण :- 

वसुंधरा विहार क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के निर्देश देते हुए गुप्ता ने कहा कि यहां बन रहे क्रिकेट बॉक्स, स्केटिंग पिच और 400 मीटर रनिंग ट्रैक का कार्य तेज गति से पूरा किया जाए। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्र में उद्यान और सामुदायिक भवन निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिनके टेंडर शीघ्र जारी किए जाएंगे। वसुंधरा विहार और शहर के अन्य क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाने की भी घोषणा की गई। इसके तहत 12 फीट ऊंचे छायादार, फलदार और फूलदार पौधे लगाए जाएंगे तथा उनकी देखरेख का जिम्मा दो वर्षों तक संबंधित ठेकेदार को दिया जाएगा।

शिविरों में लंबित 274 फाइलों के निस्तारण पर जोर :- 

शहरी सेवा शिविरों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान 274 पत्रावलियां राजस्व रिपोर्ट के कारण लंबित होने की जानकारी सामने आई। इस पर गुप्ता ने जिला प्रशासन से समन्वय कर शीघ्र निस्तारण कराने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आमजन को राहत पहुंचाने वाले इन शिविरों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

Apr 10, 2026

कुर्सी और पद केवल पदों तक ही पहचान रखते हैं, लेकिन स्वच्छता के क्षेत्र में किया गया कार्य जनमानस में आपको अमर कर देता है : के के गुप्ता

 


करौली। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के राज्य ब्रांड एम्बेसडर के. के. गुप्ता ने शुक्रवार को करौली जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर स्वच्छता कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि जनआदत बननी चाहिए और इसके लिए मानसिकता में बदलाव आवश्यक है।

बैठक में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इसमें आमजन, स्थानीय निकाय और स्वयंसेवी संगठन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वच्छता को लेकर गंभीर हैं और प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।
गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता से स्वास्थ्य में सुधार होता है और यह किसी भी क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, विशेष रूप से कैला देवी मंदिर क्षेत्र में साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्थाओं के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने भरोसा दिलाया कि स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत सभी निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान निकायों को ए, बी, सी और डी श्रेणियों में विभाजित कर कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही स्वच्छता के लिए पांच प्रमुख सूत्रों पर जोर दिया गया, जिनमें समयबद्ध डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक पर रोक, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और खाली प्लॉटों की सफाई सुनिश्चित करना शामिल है।
इसके अलावा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पार्कों की सफाई, अवैध अतिक्रमण हटाने और कचरा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

Nov 30, 2025

सर्वोच्च न्यायालय सहित सभी अदालतों को स्वच्छ भारत अभियान तथा प्रदूषण मुक्त भारत को विफल करने में जुटी ताकतों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिए स्वतः संज्ञान लेकर भारत सरकार तथा राज्य की सरकारों को मिलकर कड़े फैसले लेने होंगे - के के गुप्ता



जहरीला धुआं एवं जहरीला पानी छोड़ना तथा गंदगी मनुष्य एवं धरती के लिए जहर है - के. के. गुप्ता

नई दिल्ली /जयपुर/ उदयपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) राजस्थान के संयोजक और डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष के के गुप्ता ने देश की सर्वोच्च न्यायालय तथा देश के विभिन्न हाई कॉर्ट्स तथा जिला अदालतों को स्वच्छ भारत अभियान तथा प्रदूषण मुक्त भारत को विफल करने में जुटी ताकतों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिए स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया है। साथ ही भारत सरकार तथा राज्य की सरकारों को मिलकर कड़े फैसले लेने होंगे । इन ताकतों की करतूतों से आज देश की राजधानी दिल्ली एक गैस चेम्बर में तब्दील हो गई है जबकि भारत को 2030 में कॉमन वेल्थ गेम्स की मेजबानी मिल गई है । 

गुप्ता ने कहा कि 2030 में कॉमन वेल्थ गेम्स के लिए आने वाले विश्व के विभिन्न देशों के खिलाड़ी और मेहमान देश की राजधानी दिल्ली सहित भारत के विभिन्न नगरों में अस्वच्छता और प्रदूषण के वर्तमान हालातों को देखेंगे तो देश को शर्मसार करने वाली स्थिति ही होगी।उन्होंने कहा कि कतिपय ताकतें स्वाधीनता की 100 वीं वर्षगांठ 2047 तक भारत को विकसीत देशों की पंक्ति में शामिल करने और भारत को विश्व गुरु की उपमा दिलाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने के मार्ग में अवरोध पैदा कर रही है। ये ताकते देश में स्वच्छता आंदोलन और शुद्ध पर्यावरण के ख़िलाफ़ जघन्य अपराध जैसे कारनामों अंजाम दे रही है जब कि सभी इस तथ्य से भलीभांति अवगत है कि जहरीला धुआं एवं जहरीला पानी छोड़ना दोनों मनुष्य एवं धरती के लिए जहर समान है । 

गुप्ता ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत के हालिया बयान ने पूरे देश के सामने अन्य कई सवाल खड़े कर दिए हैं । यह एक विडम्बना ही है कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने तथा सुप्रीम कोर्ट के अनेक बार दिए निर्देशों के बावजूद जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ही प्रदूषण की गंभीर समस्या पर काबू नहीं किया जा पा रहा है।

गुप्ता ने कहा कि इन अति गंभीर हालातों में देश की सर्वोच्च न्यायालय को पूरी शक्ति के साथ निर्णय करने की आवश्यकता है । देश में प्रदूषण और गंदगी रातोंरात पैदा नहीं हुई है आज प्रदूषणइतना अधिक जानलेवा हो गया जिसकी बानगी आज दिल्ली के अखबारों की सुर्खियां दे रही है। ये खबरें दिल को दहला देने वाली है कि राजधानी वासी 80 प्रतिशत लोग प्रदूषण के कारण खांसी,थकान और जलन जैसी बीमारियों से ग्रसित है तथा प्रदूषण के कारण लोगों की आय का बहुत बड़ा हिस्सा बीमारियों में खर्च हो रहा है जिसका वास्तविक शिकार गरीब एवं मध्यम परिवार का व्यक्ति ही अधिक बन रहा है। लाखों लोग प्रदूषण से फैलने वाली बीमारियों के शिकार हो रहे हैं तथा मौत के शिकार बन रहे हैं। 

गुप्ता ने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण से करीब 17 लाख लोग प्रतिवर्ष मर रहे हैं तथा यह आंकड़ा नियमित बढ़ रहा है जिन्हें खांसी, दमा, जलन, बुखार तथा स्कीन संबंधी बीमारियां हो रही है। प्रदूषण का जहरीला धुआ बीमारियां फैलाने तथा मौत तक पहुंचाने, जिसमे फेफड़ों को कार्य करने से रोकने में अहम भूमिका निभाता है। यह केवल दिल्ली की ही नहीं पूरे देश की समस्या बनती जा रही है । इसे रोकने देश की सर्वोच्च न्यायालय एवं भारत सरकार तथा राज्य की सरकारों को मिलकर कड़े फैसले लेने होंगे । हमारा शीर्ष नेतृत्व समृद्धशाली देश, विकसित भारत तथा विश्व गुरु बनने की बात कर रहा है लेकिन यदि हम गंदगी और प्रदूषण के शिकंजे से बाहर नहीं आ पाए तो आने वाले समय में और अधिक विकट परिस्थितियों का सामना करना पड सकता है ।

गुप्ता ने कहा कि जब भारतीय दंड संहिता में स्पष्ट प्रावधान है कि एक व्यक्ति को मारने का प्रयास करने वाले व्यक्ति को उम्र कैद की सजा भुगतनी पड़ सकती है तो यह कानून के अनुसार प्रदूषण और गंदगी फैलाने वाले अपराधी भी इसी श्रेणी में गिने जाने चाहिए क्योंकि यह पूरे देश के लोगों के जीवन का सवाल है । इसलिए देश की सभी जिम्मेदार एजेंसियों को इस बारे में शक्ति से निर्णय की आवश्यकता है।आज हम देख रहे हैं सरकारे पुराने कचरे का निदान करने हेतु कई प्रयास कर रही है तथा भारी राशि दे रही है परंतु आज भी कचरे में आग लगना तथा हवा में जहरीला धुआं फैलाना बड़े एवं छोटे शहरों में नियमित हो रहा है यह प्रदूषण कचरा यार्ड में आग से तथा जानवरों द्वारा उस गंदगी को खाने से जिस तरह से फैल रहा है वह बहुत बड़ी चिंता का विषय है । यह विडंबना ही है कि स्वच्छता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ही कचरे में आग लगवा कर इसका निष्पादन कराया जा रहा है और कागजों में इसका निष्पादन बता बहुत बड़ी राशि का गबन हो रहा हैं। जिसकी जांच उच्च कमेटी से करवा इस पर शीघ्र रोक लगवाने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है नहीं तो एक दिन पूरा देश इस जहरीले धुंए से प्रदूषित हो जाएगा।

गुप्ता ने कहा कि आज प्रदूषण को रोकने हेतु बड़े-बड़े उद्योग जो प्रदूषण छोड़ रहे हैं उन्हें भी चाहें वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों रोकना होगा। साथ ही सर्वत्र बढ़ते ट्रैफिक में पेट्रोल डीजल की गाड़ियों को बंद करने तथा उन्हें सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक से जोड़ने के कार्य को युद्ध स्तर पर चलाना होगा । विशेष कर दिल्ली जैसे शहर में BS6 की गाड़ियां वाणिज्यिक वाहन के रूप में चल रही है जिससे प्रदूषण पर कंट्रोल हो सके जो सीएनजी , एलएनजी एवं इलेक्ट्रिक होती है वही दिल्ली के निकटवर्ती प्रदेशों के खेतों में पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ रहा है जिस पर वर्तमान में और भी सख़्ती की आवश्यकता है।वहीं अगर दिल्ली की बढ़ती जनसंख्या तथा ऊंची इमारते भी प्रदूषण को रोकने में सहायक सिद्ध नहीं हों पा रही है क्योंकि ऊंची इमारतों के बावजूद प्रदूषण का धुआं ऊपर हवा में नहीं जा पाता और वह आमजन के सांसों में समा जाता है । हवा में फैल रहे जहरीले धुआं के साथ-साथ धरती में फैल रहे प्रदूषण को भी समाप्त करने की आवश्यकता है । आज हम देख रहे हैं बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां प्रदूषित गंदा पानी केमिकल युक्त, सीवरेज का गंदा पानी नदियों एवं खुल्लम स्थान पर छोड़कर जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहे हैं तथा शहरों एवं गांवो के कचरा यार्डों में पड़े खुले में कचरा एवं मरे हुए जानवरों पर जब वर्षा का पानी पड़ता है तो वह धीरे-धीरे धरती में रिस कर जाकर धरती के पानी को भी प्रदूषित कर देता है वह भी जानलेवा है ऐसी स्थिति में उसे भी रोकने हेतु सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है जो प्रदूषण हवा में एवं धरती में फेल रहा है । न्यायालय एवं सरकार को सख्ती से बड़े-बड़े कल कारखाने के धुएं को रोकने एवं प्रदुषण को कम करने का प्रयास। डीजल एवं पेट्रोल से चल रहे हैं वाहनों पर रोक तथा सीएनजी, इलेक्ट्रिक साधनों पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान देने की आवश्यकता। शहर एवं गांव के कचरा यार्डों में आग लगाने तथा खुले में कचरा डालने पर सख्त कार्रवाई। पराली जैसे ज्वलनशील कचरे में आग पर सख्ती से कानूनी कार्यवाही। बड़े शहरों में ऊंची ऊंची इमारते बनाने पर रोक जिससे धुंआ आसानी से आसमान में जा सके। भारत में स्टेज - 6 की गाड़ियां का ही कमर्शियल कार्यों में शहरों में प्रवेश होना चाहीए। सीवरेज एवं फैक्ट्रियां तथा मिल्स के गंदे केमिकल युक्त पानी को नदी नाले तथा खुले में डालने पर दण्डनात्मक एवं सख्त कार्यवाही। 
गुप्ता ने कहा कि यह भी सत्य है केन्द्र और राज्यों की सरकारें निरंतर प्रदूषण को कम करने के अथक प्रयास कर रही है पराली जलन जलने पर प्रतिबंध, सीवरेज के पानी का ट्रीटमेंट करना, फैक्ट्री द्वारा केमिकल युक्त पानी को खुल्ले में छोड़ने पर सख्त कार्यवाही, पुराने कचरा यार्डों की सफाई एवं कचरा सेग्रीगेशन तथा गीले कचरे से गैस बनाना, खाद बनाना परंतु इन सभी की क्रियांवित्ती व्यवस्थित नहीं होने से निरंतर प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। इन सभी पर प्रदूषण विभाग को शक्ति से दोषियों को समान रूप से दंडित करने की कार्रवाई करनी होगी। 
साथ की बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए हर क्षेत्र में सुदृढ़ वृक्षारोपण करना होगा अन्यथा आने वाले समय में पूरा देश प्रदूषण के जहरीले वातावरण में जीने को मजबूर होगा।
*गर्भवती व धात्री महिलाओं में एनीमिया प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग चलाएगा पिंक पखवाड़ा* 
*1 से 15 दिसंबर तक मिशन मोड पर लगेंगे फेरिक कार्बाॅक्सी माल्टोज इंजेक्शन*
*झुंझुनूं, 1 दिसंबर ।* गर्भवती तथा धात्री महिलाओं में एनीमिया प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग 1 से 15 दिसंबर तक विशेष पिंक पखवाड़े का आयोजन करेगा। इस दौरान मिशन मोड पर फेरिक कार्बाॅक्सी माल्टोज इंजेक्शन का उपयोग एनीमिक महिलाओं के लिए किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। 
सीएमएचओ डॉ गुर्जर ने बताया कि पहले से प्रचलित आईएफए यानी कि आयरन की गोलियां द्वारा बहुत धीरे परिणाम प्राप्त होता है। कई महिलाओं को मतली, कब्ज, पेट खराब व अवशोषण की कमी जैसी समस्याओं के चलते इसका ज्यादा लाभ भी नहीं हो पता। ऐसे में फेरिक कार्बाॅक्सी माल्टोज इंजेक्शन द्वारा डेढ से दो माह में ही तीन से चार ग्राम हीमोग्लोबिन बढ़ाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आरसीएचओ डॉ दयानंद सिंह एफसीएम इंजेक्शन की डोज गणना हेतु गंजोनी सूत्र के बारे में बताते हुए स्पष्ट किया कि एक सप्ताह में किसी भी गर्भवती को 1000 मिलीग्राम से अधिक डोज नहीं दी जाए और पूरे गर्भावस्था काल में 1500 मिलीग्राम की अधिकतम सीमा में ही एफसीएम दिया जाए। 
आरसीएचओ डॉ दयानंद सिंह ने बताया कि पिंक पखवाड़ा अभियान को पूरी क्षमता के साथ मनाने और आधिकाधिक गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभ देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पिंक पखवाड़ा अभियान मध्यम से गंभीर एनीमिया यानी कि 5 से 9 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली गर्भवतियों तथा धात्री महिलाओं को फेरिक कार्बाॅक्सीमाल्टोज दिया जाएगा। अभियान के दौरान आशा सहयोगिनी एएनएम एक्टिव मोड पर ऐसी महिलाओं की सूची तैयार करेगी और इन्हें अस्पताल लेकर आएंगी। इस इंजेक्शन का उपयोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा इससे उच्चतर संस्थान पर चिकित्सक की देखरेख में ही किया जाएगा। 
*क्या है एफसीएम ?*
आरसीएचओ डॉ दयानंद सिंह ने बताया कि फेरिक कार्बाॅक्सी माल्टोज इंजेक्शन हीमोग्लोबिन स्तर को तेजी से बढ़ाने में बेहद कारगर इंजेक्शन है। इसका उपयोग इंट्रावेनस यानी अतःशिरा में ड्रिप द्वारा किया जाता है। इसे अस्पताल में भर्ती के बिना डे केयर में 15 मिनट में लगा दिया जाता है। एक बार एफसीएम की एक डोज से डेढ से दो माह में तीन से चार मिलीग्राम तक हीमोग्लोबिन बढ़ जाता है।

*विश्व एड्स दिवस पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम*

विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न जन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। डिप्टी सीएमएचओ एवं नोडल अधिकारी डॉ  भंवर लाल सर्वा ने बताया कि बीडीके  अस्पताल, जिला अस्पताल नवलगढ़, उप जिला अस्पताल खेतड़ी, मलसीसर चिड़ावा, सहित विभिन्न सीएचसी, पीएचसी स्तर पर एच आई वी रोकथाम और बचाव के बारे में जागरूकता कार्यशाला, संगोष्ठी रैली आदि का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोगों को एचआईवी के फैलने के कारणों के बारे में जागरूकता पैदा की जाएगी। जिला अस्पताल से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र तक एच आई वी जांच उपलब्ध है।

Jul 28, 2025

प्रोफेसर डॉ. मूलचंद को "लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2025" से सम्मानित


अंतर्राष्ट्रीय यूथ कॉन्फ्रेंस जयपुर में हुआ भव्य आयोजन

चूरू , 28 जुलाई। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में 26 से 28 जुलाई 2025 तक आयोजित "अंतर्राष्ट्रीय यूथ कॉन्फ्रेंस" एवं "कलम यूथ लीडरशिप कॉन्फ़्रेंस 0.7" के अंतर्गत ख्वाब फाउंडेशन, भारत द्वारा विशिष्ट "लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2025" से प्रोफेसर (डॉ.) मूलचंद, विभागाध्यक्ष, संस्कृत, राजकीय लोहिया महाविद्यालय, चूरू को सम्मानित किया गया।

यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न  डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की स्मृति में गठित ख्वाब फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया गया, जो राष्ट्र निर्माण हेतु युवाओं को प्रेरित करने की दिशा में कार्यरत है।

डॉ. मूलचंद को यह सम्मान संस्कृत भाषा के संवर्धन, संरक्षण एवं समकालीन परिप्रेक्ष्य में उसके पुनरुत्थान हेतु किए गए उल्लेखनीय शोध-कार्य के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने संस्कृत भाषा को केवल शास्त्रों तक सीमित न रखकर आधुनिक बौद्धिक विमर्शों में उसे पुनः स्थापित करने का कार्य किया है। विद्वतजनों के अनुसार, प्रो. मूलचंद ने अपने अकादमिक जीवन में अब तक 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों से विभिन्न विशिष्ट सम्मानों को प्राप्त किया है।

इस तीन दिवसीय आयोजन में भारत के विभिन्न राज्यों – राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र के साथ-साथ नेपाल,दुबई, श्रीलंका एवं अमेरिका जैसे देशों के प्रतिनिधियों एवं युवाओं ने भाग लिया। प्रोफेसर डॉ. मूलचंद की उपस्थिति और वक्तव्य ने सम्मेलन में बौद्धिक ऊँचाइयों को एक नई दिशा प्रदान की।

उनका यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, अपितु संस्कृत भाषा के पुनरुत्थान और वैश्विक स्तर पर उसकी सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक सशक्त संकेत भी है ।

Jul 19, 2025

जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए हम सभी आगे आएं : सहारण


रालसा स्कीम "सृजन की सुरक्षा" के अन्तर्गत रामसरा मेंं आयोजित हुआ वृक्षारोपण कार्यक्रम, विधायक हरलाल सहारण, प्रधान दीपचंद राहड़, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉ शरद कुमार व्यास सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

चूरू, 19 जुलाई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) रविन्द्र कुमार के निर्देशानुसार शनिवार को रालसा स्कीम "सृजन की सुरक्षा" के सफल क्रियान्वयन हेतु चूरू के रामसरा गांव के खेल मैदान में विधायक हरलाल सहारण, चूरू प्रधान दीपचंद राहड़, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉ शरद कुमार व्यास सहित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियोंं ने वृक्षारोपण किया।
इस अवसर पर विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए हम सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि पृथ्वी को बचाना हम सभी का दायित्व है। वर्तमान में जलवायु समस्याओं से निपटने के लिए हमें प्रकृति व पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा कि ‘सृजन की सुरक्षा’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि प्रकृति से हमारे जुड़ाव का प्रतीक है। सृजन की सुरक्षा योजना के सफल क्रियान्वयन में हम सभी समुचित भागीदारीर निभाएं। उन्होंने कहा कि हरियालो राजस्थान अभियान के माध्यम से प्रदेश सरकार राजस्थान को हरा—भरा व अग्रणी बनाने की दिशा में संंकल्पित प्रयास कर रही है।
प्रधान दीपचंद राहड़ ने भी पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताते हुए विचार व्यक्त किए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉ शरद कुमार व्यास ने बताया कि इस कार्यकम में ग्राम पंचायत खासोली में वर्ष 2025 में जन्म लेने वाली 14 बालिकाओं के प्रत्येक परिवार द्वारा 11 पौधे लगाए गए।
उन्होंने बताया कि रालसा द्वारा संचालित सृजन की सुरक्षा योजना की परिकल्पना "राजस्थान में एक ऐसे समाज को प्रोत्साहित करना, जहां महिलाओं को सशक्त बनाया जाए, बालिकाओं को आगे बढ़ाया जाए तथा पर्यावरण को संरक्षित व पोषित किया जाए और सभी के हित के लिए उनके परस्पर संबंधों को महत्व देते हुए कार्य किया जाए" है। उन्होंने बताया कि यह योजना राजस्थान के सभी 36 जिला विधक सेवा प्राधिकरणों में चयनित एक-एक ग्राम पंचायत में पायलट परियोजना के रूप में चलाई जा रही है। योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, विधिक जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना, जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूत करना एवं न्याय तक पहुंच प्रदान करना है।
सचिव डॉ व्यास ने बताया कि योजना अंतर्गत लगाए गए पौधों की प्रारंभिक देखभाल और पोषण की जिम्मेदारी नवजात बालिका के परिवारजन की होगी। योजना अतंर्गत चयनित प्रत्येक बालिका को एक-एक हरित बालिका कार्ड का भी वितरण किया गया, जो प्रतीकात्मक रूप से बालिका को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ेगा तथा कार्ड चयनित परिवारों एवं बालिकाओं को विधिक सेवा संस्थानों तक पहुंचने व आवश्यक सरकारी योजनाओं की सहायता प्राप्त करने के लिए सम्पर्क बिन्दु के रूप में कार्य करेगा। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरित बालिका के परिवारों के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर, उन्हें चिकित्सा सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवा योजनाओं, शैक्षिक अवसर और प्रासंगिक सरकारी योजनाओं, उपलब्ध सामाजिक सुरक्षा कार्यकम, जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता और सहायता, जो विशेष रूप से बाल अधिकारों, महिलाओं के अधिकारों और पोक्सो अपराधों से संबंधित होगी, की जानकारी और सहायता प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन त्रैमासिक रूप से किया जाता रहेगा।
इस दौरान  बार संघ अध्यक्ष नरेन्द्र सैनी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गोविन्द सिंह राठौड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनोज शर्मा, अतिरिक्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कमल शर्मा, सहायक वन सरंक्षक महेन्द्र लेखाला,  महिला एवं बाल विकास विभाग उपनिदेशक नरेन्द्र सिंह, चीफ एलएडीसीएस सुमेर सिंह, कमल सहित अन्य उपस्थित रहे।


चूरू की वर्णिका तिवारी ने फहराया परचम, नेशनल शूटिंग में जीता सिल्वर
चूरू, 19 जुलाई। चूरू की बेटी वर्णिका तिवारी पुत्री मुदित तिवारी ने शनिवार को 54 वीं केंद्रीय विद्यालय संगठन राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में फगवाड़ा, पंजाब में हुई शूटिंग स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया है। वर्णिका चूरू केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 9 की विद्यार्थी हैं।
जानकारी के अनुसार, पीएमश्री केवी चूरू की वर्णिका और पीएमश्री केवी-3 जयपुर की हिमानी सिंह को 10 मीटर राइफल श्रेणी में पदक हासिल हुआ है। 10 मीटर पीप साइट राइफल (U-14 Girls) श्रेणी में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय चूरू की कक्षा 9 की छात्रा वर्णिका तिवारी ने रजत पदक हासिल किया। वहीं 10 मीटर पीप साइट राइफल (U-17) श्रेणी में  पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-3, जयपुर की कक्षा 11 की छात्रा हिमानी सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान आकर्षित किया।
दोनों छात्राओं के प्रदर्शन ने जयपुर रीजन को शूटिंग स्पर्धा में चैम्पियनशिप ट्रॉफी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता में जयपुर रीजन प्रथम, रायपुर द्वितीय एवं चेन्नई रीजन तृतीय स्थान पर रहे।
वर्णिका और हिमानी, दोनों का चयन अब SGFI (School Games Federation of India) की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हो गया है, जिसमें देशभर से चयनित सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
विद्यालय परिवार, अभिभावकों, शिक्षकों व समस्त क्षेत्रवासियों ने इन प्रतिभाशाली बेटियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Jun 22, 2025

आज़ादी की राहों में पुस्तक प्रकाशित होने पर सूरजगढ़ में हुआ कार्यक्रम का आयोजन


*विधायक श्रवण कुमार व पितराम सिंह काला ने किया आज़ादी की राहों में पुस्तक का विमोचन*

सूरजगढ़। स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित लेखक धर्मपाल गाँधी द्वारा लिखी गई 'आजादी की राहों में' पुस्तक प्रकाशित होने पर राष्ट्रीय साहित्यिक, सांस्कृतिक व सामाजिक संस्थान आदर्श समाज समिति इंडिया के कार्यालय सूरजगढ़ में युवा नेता रणधीर सिंह बुडानिया की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार और पिलानी विधायक पितराम सिंह काला रहे। काजड़ा सरपंच मंजू तंवर, लोटिया सरपंच महावीर प्रसाद सिंघल, युवा जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय मील आदि विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम में पधारे हुए अतिथियों का आदर्श समाज समिति इंडिया परिवार द्वारा स्वागत व सम्मान किया गया। विधायक श्रवण कुमार व पितराम सिंह काला और कार्यक्रम में पधारे हुए अतिथियों द्वारा 'आज़ादी की राहों में' पुस्तक का विमोचन किया गया। 'आजादी की राहों में' पुस्तक 8 जून को वर्तमान अंकुर प्रकाशन नोएडा द्वारा प्रकाशित की गई है। पुस्तक का संपादन अंजू गाँधी द्वारा किया गया है। सभा को संबोधित करते हुए लेखक धर्मपाल गाँधी ने बताया कि 'आज़ादी की राहों में' पुस्तक स्वतंत्रता संग्राम पर लिखी गई मेरे द्वारा यह चौथी पुस्तक है। इस पुस्तक में देश की आजादी के लिए अदम्य साहस व वीरता के साथ अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाली चालीस क्रांतिकारी महिलाओं की शौर्यगाथाओं का वर्णन किया गया है। आजादी की लड़ाई में महिलाओं के योगदान को शामिल किए बिना हमारे स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अधूरा है। आजादी से पहले भारतीय समाज में बहुत सारी कुरीतियां व्याप्त थीं। महिलाओं पर तरह-तरह के सामाजिक प्रतिबंध लगे हुए थे। गुलामी के उस दौर में महिलाओं का घर से निकलकर आजादी की लड़ाई में भाग लेना आसान नहीं था। लेकिन महिलाओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और सामाजिक बंदिशों को चुनौती देते हुए स्वाधीनता आंदोलन में भाग लिया और हिंदुस्तान को आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास महिलाओं के बलिदान, त्याग व समर्पण और वीरता की गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने सच्ची भावना और निडरता के साथ स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और देश को आजादी दिलाने के लिए विभिन्न यातनाओं, शोषण और कठिनाइयों का सामना किया। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी द्वारा शुरू किये गये असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह, सविनय अवज्ञा आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन में महिलाओं ने अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए बढ़-चढ़कर कर भाग लिया। 'आज़ादी की राहों में' पुस्तक में चालीस महिला स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन संघर्ष की कहानी पढ़कर आज की युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका विस्तार से जाने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्रवण कुमार व पितराम सिंह काला ने सभा को संबोधित करते हुए नव प्रकाशित पुस्तक 'आज़ादी की राहों में' को स्वतंत्रता संग्राम का ऐतिहासिक ग्रंथ बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाली चालीस क्रांतिकारी महिलाओं को एक पुस्तक में संकलित करना लेखक धर्मपाल गाँधी का सराहनीय प्रयास है। स्वाधीनता आंदोलन पर लिखी गई, यह पुस्तक आने वाले समय में निश्चित ही लोगों के लिए ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करेगी। ऐसी ज्ञानवर्धक पुस्तक पढ़ कर युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जानने की आवश्यकता है। यह आजादी हमें यूँहीं नहीं मिली है; आजादी की राहों में अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों ने तरह-तरह की यातनाएं झेलते हुए देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे युवा नेता रणधीर सिंह बुडानिया और विशिष्ट अतिथि सरपंच मंजू तंवर ने भी सभा को संबोधित किया। शिक्षाविद् व सामाजिक कार्यकर्ता मनजीत सिंह तंवर ने भी धर्मपाल गाँधी द्वारा लिखित पुस्तकों के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर पुस्तक की संपादक अंजू गाँधी, युवा जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय मील, महावीर प्रसाद सैनी, वीर तेजाजी विकास संस्थान के अध्यक्ष जगदेव सिंह खरड़िया, शिवदान सिंह भालोठिया, प्रधानाचार्य महिपाल सिंह, शिक्षाविद् राजपाल सिंह फौगाट, समाजसेवी इंद्र सिंह शिल्ला, शिक्षाविद् रघुवीर सिंह भाटिया, योगाचार्य डॉ. प्रीतम सिंह खुगांई, योगाचार्या सुदेश खरड़िया, अरविंद बाडेटिया, युवा उद्यमी सज्जन मेघवाल, राजकरण भारतीय, हितेश, फरट सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार, गायकार संजय सैन, पूर्व प्रधानाचार्य लीलाराम भूपेश, उप सरपंच राकेश कुमार मनीठिया, मनोज मेघवाल, दरिया सिंह डीके, राकेश गुरावड़िया, पप्पू चौधरी, मनोज सैन, इशांत, सुनील गाँधी आदि अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मनजीत सिंह तंवर ने किया‌। धर्मपाल गाँधी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Jun 21, 2025

11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस – ‘‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’’ थीम पर हुआ आयोजन




हजारों साधकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास,*योग भी, वोट भी’ का दिया संदेश

स्वर्ण जयंती स्टेडियम में हुआ जिला स्तरीय समारोह

योग को प्रतिदिन का हिस्सा बनाएं- प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत

विधायक राजेंद्र भांबू, प्रभारी सचिव अविचल चतुर्वेदी, जिला कलक्टर रामावतार मीणा, जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरी सहित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों सहित जिले में 1.25 लाख लोगों ने एक साथ किया योग 

झुंझुनूं, 22 जून। जिलेभर में 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। ‘‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’’ थीम पर जिला स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित स्वर्ण जयंती स्टेडियम में किया गया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत, झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू, जल संरक्षण जन अभियान के प्रदेश संयोजक मुकेश दाधीच, योग दिवस के लिए जिले के प्रभारी सचिव अविचल चतुर्वेदी, जिला कलक्टर रामावतार मीणा, जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरी, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार,  पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, पूर्व उप जिला प्रमुख बनवारीलाल सैनी, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के संयोजक विशंभर पूनिया, प्यारेलाल ढूकिया, महेंद्र चंदवा, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी व स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी आमजन को दिखाया गया, जिसे प्रतिभागियों ने रुचि के साथ देख-सुनकर योग का महत्व समझा। 


प्रारंभ में कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास संपन्न हुआ। योग शिक्षक पवन कुमार सैनी के निर्देशन में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वक्रासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी आदि योग मुद्राओं का अभ्यास कराया गया।


‘योग भी, वोट भी’ अभियान के तहत दिलाई गई मतदाता शपथ

कार्यक्रम के दौरान स्वस्थ लोकतंत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से ‘‘योग भी, वोट भी’’ अभियान के तहत मतदाता शपथ कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने उपस्थित जनसमूह को शपथ दिलाई। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को मतदाता पंजीकरण, नैतिक एवं अनिवार्य मतदान हेतु जागरूक किया गया। शपथ में सभी ने लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने एवं बिना किसी भेदभाव अथवा प्रलोभन के मतदान करने का संकल्प लिया।

प्रभारी मंत्री गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान दिलाने की सराहना की। उन्होंने योग को केवल एक दिन का अभ्यास करने की बजाय प्रतिदिन की दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। विधायक राजेंद्र भांबू ने कहा कि योग शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। जिला कलक्टर रामावतार मीणा ने इसे 


हर उम्र में दिखा उत्साह – हुआ संकल्प

सुबहब 5.30 बजे से ही जिला स्तरीय समारोह में बड़ी संख्या में प्रतिभागी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। आयुर्वेद के उपनिदेशक डॉ जितेंद्र स्वामी ने बताया कि जिला स्तरीय समारोह में तकरीबन साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों ने योग किया। स्कूली विद्यार्थी, एनसीसी, स्काउट गाइड व विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि “हम सदैव अपनी सोच में संतुलन बनाए रखेंगे, अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहेंगे और विश्व में शांति, आनंद एवं स्वास्थ्य का प्रचार करेंगे।”

योग का दिया संदेश

इस दौरान योग संदेश आमजन तक पहुंचाया गया। बताया गया कि “योग प्राचीन भारतीय परम्परा एवं संस्कृति की अमूल्य देन है। योग अभ्यास शरीर एवं मन, विचार एवं कर्म, आत्मसंयम एवं पूर्णता की एकात्मकता तथा मानव एवं प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। यह स्वास्थ्य एवं कल्याण का पूर्णतावादी दृष्टिकोण है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वयं, विश्व और प्रकृति के साथ एकत्व खोजने का भाव है। योग हमारी जीवनशैली में परिवर्तन लाकर जागरूकता उत्पन्न करता है तथा प्राकृतिक परिवर्तनों से शरीर में होने वाले बदलावों को सहन करने में सहायक हो सकता है।”


कार्यक्रम में एडीएम अजय कुमार आर्य, नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया, एसीईओ जिला परिषद रामनिवास, सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर, पीएमओ डॉ जितेंद्र भांबू, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्यौला, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ पवन पूनिया, अतिरिक्त कोषाधिकारी अनूप सैनी, प्रेरणा कालेर, प्रियंका लांबा, एनवाईसी मधु यादव, सरोज श्योराण, रतन सिंह तंवर, जय सिंह मांठ, डॉ बीएल वर्मा, पवन मेघवाल, शौकत अली चौहान, ममता शर्मा समेत अनेक गणमान्य जन एवं योग साधक उपस्थित रहे। मंच संचालन विजय हिंद जालिमपुरा ने किया।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में टॉप 10 में रहा झुंझनूं 
*बीडीके अस्पताल में योग दिवस पर प्रतिदिन योग का संकल्प लिया।*


*स्वास्थ्यकर्मियों ने योग की महत्ता समझी एवं योग से निरोग रहने के आसन सीखें*

जिले के सबसे बड़े राजकीय बीडीके अस्पताल झुंझुनूं में विश्व योग दिवस के अवसर पर योग किया गया।
पीएमओ एवं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र भाम्बू ने बताया कि प्रातः 6 बजे से चिकित्सको , स्वास्थ्यकर्मियों एवं नर्सिंग विद्यार्थियों के द्वारा योग के आसन किए गये। योग प्रशिक्षक पवन एवं विशाल ने योग की महत्ता एवं आसन को स्वयं प्रदर्शित करते हुए योग करवाया।सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प एवं शपथ दिलाई।
पीएमओ डॉ जितेन्द्र भाम्बू ने बताया कि योग भारत की प्राचीन काल में ऋषि मुनियों के द्वारा किया जाता है। अच्छे स्वास्थ्य का परिचायक रहा है। योग स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन में महती भूमिका अदा करता है।

इस दौरान उपनिदेशक हौमयोपैथी डॉ रमेश यादव, डॉ सिद्धार्थ शर्मा, डॉ सुरेश मील, डॉ नेमीचंद, डॉ नावीद खान,आबिदा खान, ओमप्रकाश,मनोहरलाल समेत सभी ने भाग लिया।

प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने बताईं अभियान की उपलब्धियां 

मुख्यमंत्री जल स्वालंबन अभियान 2.1 में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर
झुंझुनूं, 22 जून। जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत शनिवार को झुंझुनूं दौरे पर रहे। उन्होंने इस दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ में जिले की उपलब्धियां गिनाईं। गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरु किए गए इस महत्वकांक्षी अभियान में झुंझुनूं जिला रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल रहा। वहीं मुख्यमंत्री जल स्वालंबन अभियान 2.1 के तय लक्ष्यों को प्राप्त करने में जिला दूसरे स्थान पर रहा है। अभियान के तहत जिले में जल संरक्षण के 3 हजार 465 कार्य पूरे किए गए। जिले में 304 मेजिक पिट, शॉप फिट का निर्माण किया गया है। वहीं कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत 53 वाटर रिचार्ज संरचनाएं निर्मित की गईं हैं। जिले में 1 हजार 362 स्थानों पर आमजन के सहयोग से श्रमदान हुआ। वहीं कुल 6 हजार 942 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिलमें 3 लाख 58 हजार 231 नागरिकों ने भाग लिया, इनमें से 1 लाख 69 हजार 106 महिलाएं थीं। अभियान के तहत आगामी मानसून में पौधारोपण के लिए 4 लाख 29 हजार 470 गड्ढों की खुदाई कर पौधारोपण की तैयारी भी की गई है। प्रभारी मंत्री गहलोत ने इसके लिए जिला कलक्टर रामावतार मीणा सहित प्रशासन की पूरी टीम को शाबासी दी।  

प्रदेश भर में आयोजित हुए 2 लाख 23 हजार कार्यक्रम:

प्रभारी मंत्री ने अभियान को जिले में सफल बताते हुए बताया कि प्रदेश में 2 लाख 23 हजार कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में कुल 1 करोड़ 71 लाख आम नागरिकों ने भागीदारी निभाई, जिनमें 89 लाख महिलाएं शामिल थीं-यह महिला सहभागिता का अद्वितीय उदाहरण है। प्रदेश भर में सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार 29,300 जल स्रोतों की सफाई कर उन्हें पुनर्जीवित किया गया। वहीं 43,900 सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, अस्पतालों व संस्थानों में स्वच्छता कार्य संपन्न हुआ। 11,900 जल संरक्षण से जुड़े पूर्ण कार्यों का लोकार्पण व निरीक्षण किया गया व 3,300 नए जल संरक्षण कार्यों की शुरुआत की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में 60 हजार 600 स्थानों पर आम जनता द्वारा श्रमदान कर अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया गया। कर्मभूमि से मातृभूमि योजना के तहत 3,200 रिचार्ज साफ्ट सीएसआर व दानदाताओं के सहयोग से निर्मित किए गए।


*डीईओ के कार्यग्रहण पर रेसा के शिक्षा अधिकारियों ने किया सम्मान*
झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक व जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक के पदों पर नव पदोन्नत जिला शिक्षा अधिकारियों के पदस्थान उपरांत कार्यग्रहण करने पर शिक्षा अधिकारियों के संगठन रेसा द्वारा स्वागत व सम्मान किया गया । शनिवार को राजेश मील ने जिला  शिक्षा अधिकारी माध्यमिक के पद पर तथा संतोष सोहू ने जिला  शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक के पद पर कार्यग्रहण किया । कार्यग्रहण के अवसर पर राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद जिला इकाई झुंझुनूं के शिक्षा अधिकारियों ने एडीईओ प्रमोद आबूसरिया व रेसा प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन गढ़वाल के साथ कार्यालय पहुंचकर पुष्पगुच्छ भेट कर स्वागत व सम्मान किया । इस अवसर पर राजवंती सरावग, राजकुमार सिहाग, विजयलाल कपूरिया, राधेश्याम सुमन, कुलदीप खरवास, कपिल कुलहरि, प्रकाश चाहर,संजय झाझडिया, नरेंद्र कुमार,संजय सोमरा, सुनील तिलोटिया , प्रदीप मील, रणजीत कुमार , रुचिरा बालीवाल, सुशीला राव , उर्मिला , अनुराधा व अन्य प्रधानाचार्यों ने दोनों जिला शिक्षा अधिकारियों का स्वागत किया
 *विधायक राजेंद्र भांबू ने झांझोत और जोड़िया में उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों का शिलान्यास किया*


झुंझुनूं, 22 जून।
झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू ने शनिवार को विधानसभा क्षेत्र के झांझोत और जोड़िया गांवों में दो नए उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों का शिलान्यास किया। इन भवनों का निर्माण 55-55 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा।

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान भांबू ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
इस अवसर पर विशंभर पूनिया, पूर्व सरपंच मदनलाल मेघवाल, सुल्ताना से राजकुमार जांगिड़, सरजीत चौधरी, वीरेंद्र शेखावत,राजेंद्र लाम्बा, जीएसएस अध्यक्ष राजेंद्र धायल, पूर्व सीबीईओ सुरेंद्र भांबू, पूर्व सरपंच मुकेश कड़वासरा, पार्षद अजय चाहर, सूबेदार होशियार सिंह, से.नि. प्रधानाध्यापक हरि सिंह पायल, मेजर मुस्तफा खां, श्योपाल पायल, कैप्टन महासिंह मेघवाल, कुलदीप आर्य, अशोक धायल, पंच रयूफ अली, रोहिताश्व चौधरी, सूबेदार रफीक अली, आलम अली, प्यारेलाल भगत, दयानंद मिठारवाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Jun 16, 2025

कलेक्टर रामावतार मीणा ने खाद्य सुरक्षा योजना में लंबित आवेदनों में तेजी के दिए निर्देश


     कलेक्ट्रेट में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित कलेक्टर रामावतार मीणा ने खाद्य सुरक्षा योजना में लंबित आवेदनों में तेजी के दिए निर्देश

झुंझुनूं, 16 जून। जिला कलेक्टर रामावतार मीणा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन कि गई । बैठक में जिले के विभिन्न विभागों की प्रगति, चल रहे अभियान एवं आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने पेयजल, बिजली और मौसमी बीमारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों को संबंधित ऑनलाइन एप्लीकेशन में नियमित रूप से अपडेट किया जाए।

कलेक्टर ने उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभाराम लिफ्ट परियोजना फेज-2 और राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत एमओयू के लिए लंबित भूमि आवंटन प्रस्तावों को शीघ्र भेजा जाए। साथ ही, ग्राम विकास अधिकारियों व अधिशासी अधिकारियों को बरसात से पूर्व जलभराव वाले क्षेत्रों की सूचना देने और समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा।

उन्होंने बिजली जनित हादसों की रोकथाम के लिए बिजली के ढीले तारों की मरम्मत और पेड़ों की कटिंग कराने के निर्देश दिए तथा आमजन को जागरूक करने की बात भी कही।

शिक्षा विभाग को जिले की स्कूलों के जर्जर भवनों की सूची तैयार कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। वहीं, सभी विभागों को ई-फाइलिंग प्रणाली को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत झुंझुनूं, मलसीसर, सूरजगढ़ व उदयपुरवाटी में सर्वाधिक आवेदन लंबित पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।

*योग दिवस की व्यापक तैयारी*

कलेक्टर ने बताया कि 21 जून को योग दिवस के अवसर पर जिलेभर में एक लाख से अधिक लोगों को योग अभ्यास करवाने का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को धार्मिक, पर्यटन व ऐतिहासिक स्थलों पर योग आयोजन करवाने, योग संगम ऐप पर पंजीकरण और मेडिकल किट एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य ने संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए और मुख्यमंत्री जनसुनवाई से संबंधित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत सिंह गोदारा ने 24 जून से 9 जुलाई तक आयोजित होने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा की रूपरेखा प्रस्तुत की और सभी उपखंड व विकास अधिकारियों को गतिविधियों के आयोजन के निर्देश दिए।

*यह रहे मौजूद*

बैठक में झुंझुनूं एसडीएम हवाई सिंह यादव, एसीएम सुप्रिया कालेर, तहसीलदार महेंद्र मूंड, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता राजपाल सिंह, एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता एम के टिबडा़, सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर, पीएमओ डॉ जितेंद्र भांबू, नगर परिषद आयुक्त दिलीप पूनिया, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अरविंद ओला, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्यौला, एपीआरओ विकास चाहर, महिला एवं बाल विकास के उपनिदेशक बृजेंद्र राठौड़, जिला रसद अधिकारी डॉ निकिता राठौड़, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ राजेंद्र सिंह लांबा, उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ विजयपाल कस्वा, डीईओ जयदीप, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ शिवरतन, जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त अभिषेक चौपदार, राजीविका के जिला प्रबंधक राहुल, सहकारी समितियों की उप रजिस्टार विभा खेतान, उप क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय के सहायक निदेशक दयानंद यादव सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उपखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

सहकारी भूमि विकास बैंकों में अवधि पर ऋणों को चुकाने हेतु मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना से किसानों को राहत, 42 ऋणी किसानों को मिली ₹67.01 लाख की राहत

झुंझुनूं, 16 जून 2025। राज्य सरकार द्वारा सहकारी भूमि विकास बैंकों के ऋणी किसानों को बड़ी राहत देते हुए "मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26" (CM OTS 2025-26) लागू की गई है। इस योजना के तहत अब तक जिले के 42 किसानों ने योजना में भाग लेकर 49.06 लाख रुपये जमा करवाए हैं, जिससे उन्हें 67.01 लाख रुपये की अवधिपार ब्याज माफी का लाभ मिला है। यह राशि राज्य सरकार वहन करेगी।

बैंक सचिव विभा खेतान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना 1 अप्रैल 2025 से शुरू होकर 30 सितंबर 2025 तक संचालित की जाएगी। योजना में वे सभी ऋण खाते पात्र हैं जो 1 जुलाई 2024 तक अवधिपार श्रेणी में वर्गीकृत हैं, लेकिन वर्ष 2014-15 में राज्य सरकार की 5% ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत दिए गए ऋण इसमें शामिल नहीं किए जाएंगे।

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र ऋणी को 30 जून 2025 तक देय राशि का कम से कम 25% बैंक में जमा कराना अनिवार्य है, जबकि शेष राशि अधिकतम तीन किश्तों में योजना अवधि के भीतर जमा करनी होगी।

योजनान्तर्गत केवल अवधिपार ब्याज व अन्य व्ययों की शत-प्रतिशत राहत दी जाएगी, जबकि मूलधन एवं बीमा प्रीमियम की राशि ऋणी को स्वयं चुकानी होगी।

बैंक सचिव ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें दोबारा आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। योजना की अधिक जानकारी के लिए संबंधित शाखा कार्यालय से या प्रधान कार्यालय के दूरभाष नंबर 01592-232643 पर संपर्क किया जा सकता है।

May 30, 2025

नशे से करें परहेज बोली नन्हीं जुबान विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से दिया नशा उन्मूलन का संदेश


 झुंझुनूं 30 मई,राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जिला मुख्यालय  एवं श्री जी. बी. मोदी पब्लिक स्कूल झुंझुनू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कला कौशल प्रशिक्षण शिविर में तंबाकू निषेध दिवस कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल गुर्जर के मुख्य आतिथ्य एवं स्काउट गाइड जिला उप प्रधान विनोद सिंघानिया की अध्यक्षता तथा राजपूताना शिक्षा मंडल के सचिव एडवोकेट दिनेश कुमार के  विशिष्ट आतिथ्य में समारोह पूर्वक आयोजित किया गया ।

कार्यक्रम संयोजक एवं सी.ओ. स्काउट महेश कालावत ने बताया कि इस अवसर पर छात्र-छात्राओं में जागरूकता हेतु तंबाकू निषेध एवं नशा उन्मूलन से संबंधित चित्रकला, निबंध, भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें निबंध प्रतियोगिता में कृतिका सिंह, सिमोना रुचिका शर्मा क्रमशः प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान पर रहे तथा चित्रकला के जूनियर वर्ग में आरवी, आयुषी रोहिल्ला, जिया एवं सीनियर वर्ग में प्राची नारनौली, प्रियल हलवाई, दृष्टि क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहे। इस अवसर पर विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

  कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, इससे पीढ़ियां बर्बाद हो जाती हैं, व्यक्ति का चारित्रिक मानसिक संतुलन खराब हो जाता है। विभिन्न प्रकार के रोग कैंसर, दमा, टी.बी.एवं असाध्य बीमारियां हो जाती हैं जो कि व्यक्ति के मृत्यु का कारण बनती है।

 गुर्जर ने इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को कहा कि हमें अपने जीवन में तंबाकू उत्पादों एवं नशे के सेवन से दूर रहना चाहिए एवं अपने जीवन को सात्विक रखें तथा संतुलित आहार लें।

 उन्होंने इस दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं को नशा नहीं करने की प्रतिज्ञा भी दिलाई तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रेरित किया।

 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्काउट गाइड जिला उप प्रधान विनोद सिंघानिया ने कहा कि छात्र-छात्राएं ग्रीष्मअवकाश में अपनी छुट्टियों का सदुपयोग कर रहे हैं यह अपने आप में अभिनव है। हमें अपने जीवन में देश एवं समाज के लिए कार्य करना है।

 इस अवसर पर एडवोकेट दिनेश कुमार ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान परिपेक्ष में भावी पीढ़ी को नशे से बचाने हेतु ऐसे कार्यक्रमों की महती आवश्यकता है तथा हमें अपने जीवन में तंबाकू उत्पादों से दूर रहना चाहिए।

 इस अवसर पर उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय व्यवस्थाएं देने हेतु श्री जी बी मोदी पब्लिक प्रधानाचार्य रंजन मित्तल को प्रशस्ति पत्र स्मृति चिन्ह भेंट कर माला पहनाकर स्काउट गाइड के माध्यम से स्वागत किया गया ।कार्यक्रम का संचालन का सी. ओ. गाइड सुभिता महला  ने किया।

इस अवसर पर अलसीसर सचिव रामचंद्र मीणा, सुनीता बेनीवाल, पिंकी धायल, विजेता कुमारी, जसवंत सिंह मीणा, सुंदरलाल सैनी, दिनेश कुमार सहित अनेक शिक्षक शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

May 15, 2025

अग्रवाल समाज समिति झुंझुनूं की नवनिर्मित कार्यकारिणी एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों की प्रथम सभा संपन्न हुई


झुंझुनू गणेश हलवाई की अध्यक्षता में अग्रवाल समाज समिति झुंझुनू की नवनिर्मित कार्यकारिणी एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों की प्रथम सभा संपन्न हुई सभा में सभी अग्र बंधुओ ने आपस में एक दूसरे का परिचय प्राप्त किया-और अपने महत्वपूर्ण विचारों / सुझावों से सदन को अवगत करवाया गया- सदन द्वारा निम्न सुझावों पर आपसी सहमति बनी -

१. अग्रसेन भवन भविष्य में 2 दिन के लिए भी  बुक किया जा सकता है-भवन की लाग पहले से कम की गई,पहले दिन के 15000 दूसरे दिन के 15000-तीसरे दिन के 10000 शुल्क निर्धारित किया गया-

2. सगाई नेग इत्यादि मांगलिक कार्यों पर भवन को दो से तीन घंटे के लिए बुक करने पर-5100 शुल्क निर्धारित किया गया- 

3. किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन के लिए प्रतिदिन 7100 शुल्क निर्धारित किया गया-सिर्फ रूम बुकिंग पर यह सुविधा प्राप्त नहीं होगी धार्मिक आयोजन का भवन के प्रांगण में होना आवश्यक है-

4. शोक बैठक के लिए भवन निशुल्क  उपलब्ध रहेगा-रूम किराए में 50% की छूट दी जाएगी-

5. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जिनके पास ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र होगा-उन्हें भवन के किराए में छूट प्रदान की जाएगी-

6. महिलाएं बच्चिया किसी भी प्रकार की एक्टिविटी के लिए-मेहंदी क्लास डांस क्लास योगा क्लास इत्यादि-भवन का निशुल्क उपयोग कर सकती हैं-

7. खाली होने पर समाज के बच्चों के अध्ययन वह लाइब्रेरी के लिए-भवन निशुल्क उपलब्ध रहेगा-

8. भवन में परमानेंट एक रूम/जगह को आरक्षित किया जाएगा -

9. किसी भी प्रकार की दुर्घटना या बीमारी से संबंधित कार्यों के लिए रूम बुकिंग पर भवन के रूम में 50% की छूट प्रदान की जाएगी-

10. अग्रवाल समाज समिति के प्रांगण में जो भी विवाहिक निमंत्रण महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा के समक्ष अर्पित होगा-या डिजिटल रूप से अध्यक्ष या मंत्री के मोबाइल नंबर पर प्रेषित किया जाएगा-उस वैवाहिक उत्सव पर समाज के कम से कम दो पदाधिकारी और कम से कम दो कार्यकारिणी सदस्य अपनी उपस्थिति देंगे-वर वधु को समाज की तरफ से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा-

11. समाज के किसी भी व्यक्ति के बैकुंठवास पर कम से कम दो पदाधिकारी एवं दो कार्यकारिणी सदस्य समाज की तरफ से उन्हें शोक संदेश पत्र  प्रदान करेंगे-

12. विवाह/शोक  मैं सम्मिलित होने के लिए निम्न 10  सदस्यों ने अपना नाम अंकित करवाया है-

बालकिशन  भुकानिया, गोपाल  जालान, दीपक  केडिया, श्यामसुंदर  गोयंका, रमेश  टीबडा, चंद्रकांत  बका, पुरुषोत्तम जी केडिया, मनीष जी बगड़िया, कमल जी टीबडा, अशोक जी तुलसियान 

१३. जो भी बच्चे कक्षा LKG से 12वीं तक समाज से छात्रवृत्ति लेना चाहते हैं-वह 15 जून  2025 तक समाज के अध्यक्ष व मंत्री से संपर्क कर सकते हैं-12th के पश्चात उच्च शिक्षा के किसी भी क्षेत्र में छात्रवृत्ति /आर्थिक सहायता के लिए महाराजा अग्रसेन जनकल्याण ट्रस्ट के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाएगी- उस ट्रस्ट को श्रवण  केजरीवाल द्वारा संचालित किया जाता है-ट्रस्ट का विस्तृत उल्लेख ग्रुप में इससे पहले भेजे गए मैसेज में बता दिया गया है-

14. अग्रसेन भवन झुन्झनू में वाटर कूलर मशीन खराब हो गई थी-जिस पर सरिता  मोदी w/o सुशील  मोदी, मुंबई  d/o गणेश  हलवाई द्वारा-नया वाटर कूलर समाज को प्रदान किया गया और वहां पर लगवा भी दिया गया है-

15. झुंझुनू शहर में रहने वाले सभी अग्रवाल परिवारों की जानकारी को एकत्रित किया जाएगा-इस संदर्भ में सभी जानकारी एकत्रित कर कर अगली मीटिंग में-इस कार्य को कैसा किया जाए उस पर निर्णय लिया जाएगा-किन-किन व्यक्तियों को नियुक्त किया जाएगा जिम्मेदारी दी जाएगी-

16. रानी सती जी के  वार्षिक उत्सव पर भवन व कमरों की लाग को यथा स्थिति रखा जाएगा-कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा-

17. अग्रसेन जयंती पर महाराजा अग्रसेन जी मेले का आयोजन किया जाएगा , मेले में खाने-पीने की स्टाल व अन्य स्टॉल के साथ समाज की महिलाएं स्वयं द्वारा निर्मित घरेलू उत्पादों/वस्तुओं की स्टाल लगा सकेंगी-

18. प्रतिवर्ष समाज में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में जिन व्यक्तियों ने समाज के लिए कार्य किया है या ऐसे व्यक्ति जो विशेष योग्यता रखते हैं उन्हें सम्मानित किया जाएगा-         सपना  रानासरिया, उषा  केडिया, नीतू  अग्रवाल की राय पर सदन ने यह निश्चित किया-

19. अग्रवाल समाज के उप मंत्री रवि गुप्ता                s/oचंद्रप्रकाश जी बिरमीवाला/फर्म मेसर्स अन्नपूर्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा-अग्रसेन सर्किल को गोद लिया जाएगा-सर्कील के सौंदर्यकरण के लिए अच्छी क्वालिटी के 50 गमले और 50 पेड़ लगाए जाएंगे, इंटरलॉक लगाए जाएंगे नदी के पत्थर और तिरंगा लाइट लगाई जाएगी, चारों तरफ महाराजा अग्रसेन के logo के साथ रिफ्लेक्टर बोर्ड लगाए जाएंगे-महाराजा अग्रसेन सर्किल शहर के महत्वपूर्ण सर्किलों में से एक सर्किल है-

20. मंत्री अजीत रानासरिया ने बताया की  सुनील  टीबडेवाल-फर्म ओमेक्स वर्ल्ड-मुंबई द्वारा अग्रसेन जयंती पर होने वाले समारोह  मैं प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को चांदी का मेडल प्रदान किया जाएगा- -वह अपनी धर्मपत्नी के साथ  अग्रसेन जयंती पर होने वाले कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे-

21. अग्रसेन भवन की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएं -कितने किलोवाट क्षमता होगी और क्या लागत आएगी इसकी जानकारी जुटाई जाए-विशेष रूप से इस कार्य की जिम्मेवारी रवि  गुप्ता , संदीप गोयल को दी गई-विस्तार से सूचनाए प्राप्त होने पर इस मुद्दे को अगली मीटिंग में रखा जाए-

प्रथम सभा में निम्न व्यक्तियों की उपस्थिति रही-

अध्यक्ष गणेश कुमार हलवाई, उपाध्यक्ष आशीष तुलस्यान, उपाध्यक्ष संदीप गोयल, मंत्री अजीत राणासरिया, उप मंत्री , उप मंत्री रवि गुप्ता, कोषाध्यक्ष रितेश सिंघानिया, अनूप गाड़िया, विनोद सिंघानिया, जुगल किशोर मोदी, सुनील खेतान, हरीश तुलस्यान, श्याम सुंदर जालान, चंद्रकांत बंका, अशोक तुलस्यान, श्याम सुंदर अग्रवाल, शिवरतन पंसारी, महेंद्र कुमार तुलस्यान, रमेश टीबडा, अभिषेक मुरारका, राकेश गुप्ता, योगेश गुप्ता, गोपाल जालान, अमित टीबडा, सुमित गाड़िया, कमल टीबडा, दुर्गादत्त तुलस्यान, सुरेंद्र अग्रवाल, शिवचरण हलवाई, अनिल केजरीवाल, CA दिनेश अग्रवाल, निलेश टिबडा,  अनूप टीबडा, राकेश तुलस्यान, बालकिशन केडिया, दीपक केडिया, श्रवण कुमार गोयनका, रविकांत टीबडा, विनय कुमार बिसाऊवाला, श्यामसुंदर गोयनका, मनीष बगड़िया, सुरेंद्र कुमार केडिया, नवीन कुमार केजरीवाल- प्रदीप भुकानिया, अमित केडिया ,राजेश  गुप्ता- पुरुषोत्तम केडिया- नितिन अग्रवाल, हितेश केजरीवाल, रमाकांत हलवाई, नवीन केडिया, पंकज रानासरिया, कमल केडिया, रमन पंसारी,   CA. मनीष अग्रवाल, उषा केडिया, सपना रानासरिया, नीतू अग्रवाल, पवन मोदी, अशोक कुमार मोदी, नारायण जालान इत्यादि अग्रवाल बंधुओ की उपस्थिति रही