डूंगरपुर। शहर में अब नगर परिषद की पहचान सिर्फ सफाई, सड़क और विकास कार्यों तक सीमित नहीं रहेगी। परिषद युवाओं के सपनों को साकार करने और उन्हें सरकारी नौकरी की मंजिल तक पहुंचाने में भी भागीदार बनेगी। आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग नहीं कर पाने वाले प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नगर परिषद ने आधुनिक कोचिंग सेंटर शुरू किया है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्मार्ट बोर्ड, एलईडी सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बुधवार को स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता ने कोचिंग सेंटर का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए युवाओं को अपने शहर में बेहतर मार्गदर्शन देने के साथ भविष्य में आरएएस और आईएएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कराने की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा। नगर परिषद की इस पहल का मकसद साफ है- शहर के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए ऐसा मंच मिले, जहां आर्थिक परिस्थितियां उनकी प्रतिभा के आड़े नहीं आएं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे शहरों में जाकर रहने और महंगी कोचिंग पर खर्च करने की मजबूरी कम हो। युवाओं को सही मार्गदर्शन, अध्ययन का बेहतर वातावरण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हों, ताकि वे अपने लक्ष्य की तैयारी पूरे आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
सफाई के साथ अब युवाओं के भविष्य पर फोकस
कोचिंग सेंटर के शुभारंभ पर स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता ने कहा कि युवा किसी भी शहर की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। आज का युवा ही कल शहर, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेगा। इसी सोच के साथ नगर परिषद ने युवाओं के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी उठाई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराना अच्छा नवाचार है। इसके लिए उन्होंने नगर परिषद की पूरी टीम को बधाई दी। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन कर रही है। ऐसे में युवाओं को परीक्षा की तैयारी के लिए उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलना भी जरूरी है। नगर परिषद की कोशिश है कि डूंगरपुर के युवा बेहतर तैयारी कर उच्च पदों तक पहुंचें और अपनी सफलता से शहर का गौरव बढ़ाएं।
पहले कार्यकाल में 3 हजार से अधिक युवाओं को जोड़ा :-
स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2015 से 2020 के दौरान नगर परिषद के कार्यकाल में भी युवाओं और महिलाओं के लिए कोचिंग की सुविधा शुरू की गई थी। उस समय तीन हजार से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जोड़ा गया था। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल देने के उद्देश्य से अत्याधुनिक लाइब्रेरी भी स्थापित की गई, जो आज भी संचालित है। अब उसी अनुभव के आधार पर आधुनिक सुविधाओं के साथ कोचिंग की व्यवस्था दोबारा शुरू की गई है। कोचिंग सेंटर में स्मार्ट बोर्ड और एलईडी की व्यवस्था की गई है, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सके। परिषद का प्रयास है कि विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर तैयारी के लिए जरूरी सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध हो।
नौकरी पाने के साथ रोजगार देने के भी बनेंगे काबिल :-
केके गुप्ता ने कहा कि युवाओं को केवल सरकारी नौकरी पाने तक सीमित रखना उद्देश्य नहीं है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और भविष्य में दूसरों को रोजगार देने योग्य तैयार करना भी जरूरी है। इसके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ कौशल विकास और स्वरोजगार के प्रति जागरूकता पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सही दिशा और अवसर मिलने पर डूंगरपुर का युवा हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर सकता है।
आरएएस-आईएएस की तैयारी कराने की भी योजना
सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि नगर परिषद का उद्देश्य शहर के विकास के साथ युवाओं, बच्चों और महिलाओं के भविष्य को बेहतर बनाना भी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिले और आर्थिक परेशानी उनकी पढ़ाई व करियर में बाधा नहीं बने, इसी सोच के साथ आधुनिक कोचिंग सेंटर शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। आने वाले समय में कोचिंग सेंटर का दायरा बढ़ाते हुए आरएएस और आईएएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि डूंगरपुर के युवा उच्च प्रशासनिक पदों तक पहुंच सकें। सुशीला गुप्ता ने कहा कि नगर परिषद स्वच्छता, शहर की सुंदरता और विकास कार्यों के साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी प्रयासरत है। लक्ष्य है कि डूंगरपुर के प्रतिभाशाली युवा अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर सफलता हासिल करें और शहर व प्रदेश के विकास में भागीदारी निभाएं।
आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मौका, हर वर्ग के उत्थान पर फोकस:-
उपसभापति अनिल पटेल ने कहा कि नगर परिषद की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। कई प्रतिभाशाली युवा आर्थिक परिस्थितियों के कारण महंगी कोचिंग नहीं कर पाते और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे युवाओं को अपने ही शहर में मार्गदर्शन और आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कोचिंग सेंटर महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता के मार्गदर्शन में नगर परिषद अब स्वच्छता और शहरी विकास के साथ युवाओं के भविष्य निर्माण को भी प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद का आठवां बोर्ड शहर के विकास के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
ये रहे माैजुद :-
कार्यक्रम में पार्षद प्रभुलाल पटेल, शैलेश मेहता, सूर्यवीर सिंह, हिमांशु भावसार, भोपाल सिंह, माया सुथार, नीता सोमपुरा, लक्ष्मी सेवक, बीना लबाना, चेतन खराड़ी, मनन कलासुआ, हंसा दर्जीम, भूपेंद्र पालीवाल और माया ननोमा सहित नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चंद्रेश पंचाल और कतार्थ टेलर ने किया।